अमर्याद प्यार अमित का
मर्याद न कर पाई रेखा
अमित आनंद ढूंढ़ पाया
लाँघकर रेखा पाए जया
खो कर मित अमित सा
सहे उम्र भर पीड़ा रेखा
अमित-जय मिलन देखा
पीड़ा भूली आनंदी हो रेखा
अमर्याद आनंद का पाना
रेखा-अमित मिलन माना
---- यम
( पुन्हा एक न जमलेली कविता )
guys n girls ... i am not happy with it.
मर्याद न कर पाई रेखा
अमित आनंद ढूंढ़ पाया
लाँघकर रेखा पाए जया
खो कर मित अमित सा
सहे उम्र भर पीड़ा रेखा
अमित-जय मिलन देखा
पीड़ा भूली आनंदी हो रेखा
अमर्याद आनंद का पाना
रेखा-अमित मिलन माना
---- यम
( पुन्हा एक न जमलेली कविता )
guys n girls ... i am not happy with it.
No comments:
Post a Comment